शुक्रवार, 13 अगस्त 2010

मातृभाषा अभाव : ज्ञान का रिसाव

"मातृभाषा द्वारा शिक्षण के अभाव ने भारत को निश्चय ही विश्व के सभ्य देशों में, अत्यंत अज्ञानी बना दिया है. यहाँ उच्च शिक्षा-प्राप्त व्यक्तियों की संख्या काई-भर है जबकि अशिक्षितों की अपार जल-राशि है."
— श्रीमती ऐनी बेसेंट

1 टिप्पणी:

  1. "मातृभाषा द्वारा शिक्षण के अभाव ने भारत को निश्चय ही विश्व के सभ्य देशों में, अत्यंत अज्ञानी बना दिया है."


    एनी बेसेन्ट का यह कथन पहले की अपेक्षा आज अधिक सत्य है। पूरा भारत अंग्रेजी-शिक्षा के कारण रट्टू बना दिया गया है। इसकी मौलिकता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

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