शुक्रवार, 1 जनवरी 2016

नया साल आया …

साभार गूगल

बिल्ली की प्रेयर पे
छींका टूट न पाया॥
नया साल आया …॥

नाथन के बुलउवा पे
कोई नाथ न आया॥
नया साल आया …॥

लिब्सिस ने इशारों पे
छू-मंतर खेल दिखाया॥
नया साल आया …॥

क्रिसमस इवेण्ट पे
अंजू और राजू ने
सेण्टा का रोल निभाया
नया साल आया …॥



फीडबैक मीटिंग में
रेगुलर व्यूअर्स ने
फीलबैड कराया॥
नया साल आया …॥

फंड-एयरशिप में
केवल सेवादारों ने
पैराशूट पाया॥
नया साल आया …॥    

[कार्यालय से प्रभावित कविता है। कुछ विलंब से नये साल की शुभकामनाएँ प्रेषित कर रहा हूँ। 'गत' पर टिप्पणी करते हुए 'भावी' के प्रति लालायित हूँ।]

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