रविवार, 11 अप्रैल 2010

राजा आम

एक रसीला पीला आम
दो केलों ने किया सलाम।
तीन संतरे पकड़ के लाये
चार चीकू का गला दबाये
पाँच पपीते मिलकर बोले —
छह लीची के छिलके खोले
सात सेब को चाकू मारा
आठ अनारों का हत्यारा
नौ नारियल पटक के फोड़े
दस तरबूजों पर बम छोड़े
सज़ा दो इनको राजा आम
पिचका, कर दो काम तमाम।

3 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी लगी , बच्चों को खूब पसंद आयेगी ,
    ' पिचका कर दो काम तमाम' की जगह
    पिचका कर , कर दो काम तमाम।
    लिखना बेहतर है |

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  2. ठीक कहा, मैंने सोचा की मात्राएँ ज्यादा हो रही हैं. चलो आपकी सहमती है तो इसे अंतिम आपके अनुसार ही अब से लिखा जाएगा. धन्यवाद शारदा जी. सरस्वती का सुझाव है टाला कैसे जा सकता है. पुनः धन्यवाद.

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समस्त भारतीय कलाओं में रूचि रखता हूँ.